क्षेत्र

सीतामढ़़ी{कुमारकन्हाई'गौरव'}जिलापशुपालनविभागकितनीमजबूतीसेकार्यकररहाहैजिलापशुपालनकार्यालयकोदेखकरहीअंदाजालगजाताहै।इसकार्यालयकोअपनाभवनमयस्सरनहींहै।जिससेवहडुमरापशुअस्पतालमेंचलरहाहै।यहभवनभीजर्जरहालतमेंहै।31पशुअस्पतालोंमें14किरायेपरचलरहेहैं।चारखपड़ैलमकानमेंहैं।परसौनी,सुरंड,मेहसौलअस्पतालकीहालतइतनीजर्जरहैकिउनकोदूरसेदेखकरहीडरलगजाताहै।पशुचिकित्सालयोंकाहालकिसीसेछिपानहींहै।कुछकिरायेपरतोकुछजर्जरभवनमेंचलरहे।

विभागकाकहनाहैकिपीडब्ल्यूडीअस्पतालकेलिएभवनबनाताहै।लेकिन,विभागकीओरसेफंडनहींमिलनेसेवहकामशुरूनहींकरापारहा।इसलिएभवननिर्माणकाकामनहींहुआ।डाक्टरकेस्वीकृतपद46हैंजिनमें11कार्यरतहैं।कर्मी62चाहिएउनमेंसेआठहैं।जिलापशुपालनपदाधिकारीबतातेहैंकिसीमितसंसाधनोंकेबावजूदमहीनेमें800से850पशुओंकाउपचारकियाजाताहै।कृषिप्रधानइसदेशकीअर्थव्यवस्थाकाएकबहुतबड़ास्तंभहोताहैकिसानवकिसानोंकीअर्थव्यवस्थाटिकीहोतीहैपशुपालनपर.परंतुइनदिनोंजिलेकेपशुपालकजिलेमेंपशुचिकित्सकोंकेअभावकेकारणअपनेमवेशियोंकाइलाजझोलाछापचिकित्सकोंसेकरवानेकोविवशहैं।जिलापशुपालनकार्यालयचिकित्सकोंकीकमीकेकारणखुदलाचारवबदहालदिखताहै।कर्मियोंकीमानेंतोपशुचिकित्सकोंकीकमीकेकारणसमयपरनटीकाकरणहोपाताहैनसरकारकीकिसीयोजनाकासंचालन।

इनजगहोंमेंपशुअस्पतालोंकोअपनाभवननहीं

ढ़ेंग,कुम्मा,बोखरा,माधोपुरचतुरी,योगबानाबाजार,पचटक्की,गुलाठीपुर,राघोपुर,बखरी,परतापुर,बेलाहीनीलकंठ,तिलकताजपुर,राजोपुर,रीगा।खपड़ैलमाकानमेंचारअस्पताल:रीगा,बेलाहीनीलकंठ,राघोपुर,गुलाठीपुर।

इन14स्थानोंपरअस्पतालोंकोअपनाभवन:बेलसंड,रून्नीसैदपुर,मेजरगंज,सोनवरसा,भूतही,बथनाहा,बाजपट्टी,पुपरी,चोरौत,पकटोला,नरगाह,परिहार,डुुमरा,नानपुर।जर्जरहालातमेंतीनपशुअस्प्तालहैंउनमेंपरसौनी,सुरंड,मेहसौलशामिलहैं।

-हमलोगखुदलाचारहैं।विभागऔरअधिकारियोंकोकईबारपत्राचारकियागयाहै।फंडकाअभावबताकरकोईसुनवाईनहींहोती।भवनकेसाथचिकित्सापदाधिकारीवकर्मचारीसबकाटोंटाहै।-डा.राजीवरंजनचौधरी,जिलापशुपालनपदाधिकारी,सीतामढ़ी

By Dawson