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सहारनपुर,जेएनएन।मित्रतायादोस्तीदोयाअधिकव्यक्तियोंकेबीचपारस्परिकलगावकासंबंधहै।यहसंगठनकीतुलनामेंअधिकसशक्तबंधनहै।कुछविशेषताएंहरप्रकारकीमित्रतामेंमिलतीहैं,जैसेकिईमानदारी,परोपकार,करुणा,क्षमा,पारस्परिकसमझ,भरोसा,सुखदसाथ,गलतीकरनेमेंमित्रसेनिर्भयताआदि।यद्यपिकौनसेलोगमित्रबनसकतेहैं,इसकीकोईव्यवहारिकसीमानहींहै।

अच्छीमित्रतागुणोंकासमूहहै।एकसच्चेमित्रकेपांचआवश्यकलक्षणयाअनुशासनहोतेहैं।इनकेद्वाराहमभीड़मेंभीअच्छेवसच्चेमित्रकीपहचानकरसकतेहैं।पहला,हरदमसाथ।वहआपकेजीवनमेंसदैवसाथरहेगा।सुखहोयादुख,वहआपकोकभीअकेलानहींछोड़ेगा।दूसरा,सहायता।एकअच्छावसच्चामित्रसदैवअपनेमित्रकीसहायताकोतत्पररहेगा।यदिकभीकोईसहायताउसकेबसकीनहींहोफिरभीवहउससहायताकेलिएअपनीएड़ी-चोटीकाजोरलगादेगा।वहहरहालमेंसहायताकरकेहीदमलेगा।तीसरालक्षण,वफादारी।अच्छावसच्चामित्रवहीहैजोवफादारहो।वफादारीजिसमेंकूट-कूटकरभरीहो।चाहेपरिस्थितियांकितनीभीविपरीतक्योंनहोजाएंवहकभीभीबेवफाईनकरेऔरमित्रकाकोईराजऔरोंकोनबताए।मित्रकीकिसीकमजोरीकोजगजाहिरनकरे।मतलबकिवहपूरा-पूराभरोसेमंदहो।वफादारहोवफादारीवालाहो।चौथालक्षण/अनुशासन,सम्मान।वहहरहालमेंआपकासम्मानकरे।अमीरी,गरीबी,जात,धर्म,ऊंच-नीच,शिक्षा-दीक्षा,भाषा,योग्यताआदिहरपहलूमेंकमी-बेशीकीपरवाहनकरतेहुएजोहरहालमेंअपनेमित्रकासम्मानकरे।उसकेआत्मसम्मानकोकदापिठेसनपहुंचाए।उसेपूरेसम्मानकेसाथबराबरीकादर्जादेवहीसच्चाऔरअच्छामित्रहै।पांचवांलक्षण/अनुशासन,समानुभूति।एकसच्चावअच्छामित्रवहीहैजोअपनेमित्रकेप्रतिनसिर्फसहानुभूतिभराहोबल्किसमानुभूतिभराहो।वहअच्छेकार्योमेंपूरा-पूरासहयोगदेतोबुरेकार्योसेरोकेभी।मित्रतामेंअच्छे-बुरेकीतमीजऔरबुराईसेरोकनेकीप्रवृत्तिभीबहुतआवश्यकअनुशासनहै।मित्रकापरिपक्वहोनाभीअत्यंतआवश्यकहै।इसीलिएकहतेहैंकिएकनादानमित्रसेबेहतरएकजिम्मेदारदुश्मनअच्छाहै।इसीलिएमित्रतामेंमित्रकीपरिपक्वतावजिम्मेदारीबहुतहीअहमहोतीहै।इसकेसाथहीमित्रदयावानऔरगलतियोंकोक्षमाकरनेकीप्रवृत्तिवालाविशालहृदयकाव्यक्तित्वहो।अत:इससेस्पष्टहैकिसाथ,सहायता,वफादारी,सम्मानऔरसमानुभूति।इनपांचलक्षणोंयाअनुशासनकीकसौटीपरजोमित्रताऔरमित्रखरेउतरेंवहीमित्रतामित्रताहैऔरवहीमित्रमित्रहै।यहीमित्रताकाअनुशासनहै।

-चंद्रकिशोरसिंह,प्रधानाचार्य

स्टारपेपरमिल्ससरस्वतीविद्यामंदिरइंटरकालेजसहारनपुर।

By Dawson